लखनऊ: गर्भवती महिलाओं को लेकर यूपी सरकार ने बड़ा कदम उठाने जा रही है। योगी सरकार यूपी में मातृ मृत्यु दर को वर्ष 2030 तक और भी कम करने की दिशा में एक योजना बना रही है। इसको लेकर तीन मई को चिकित्सकों की एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें उनसे सुझाव लेकर इस दिशा में काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण के लिए मोबाइल ऐप बनाया जाएगा।
स्टेट ट्रांसफार्मेशन मिशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इसके लिए राज्य स्वास्थ्य प्रकोष्ठ का गठन पहले ही किया जा चुका है। यह प्रकोष्ठ प्रस्तावित उपायों को लागू करने और प्रगति की निगरानी करने के लिए ज़िम्मेदार होगा। परिणामों को और बेहतर बनाने के प्रयास में सरकार निजी स्वास्थ्य संस्थानों को भी इस रणनीति में शामिल कर रही है। प्रस्तावित योजना में गर्भावस्था से लेकर प्रसव और इसके बाद की देखभाल तक, मातृ देखभाल के पूरे चक्र को शामिल किया गया है। उम्मीद है कि इस रोडमैप को जल्द ही मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश किया जाएगा।
मोबाइल ऐप से गर्भवती महिलाओं का होगा रजिस्ट्रेशन
उन्होंने बताया कि मोबाइल ऐप बना कर उस पर सौ फीसदी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया जाएगा। गर्भावस्था और प्रसव के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। जटिल मामलों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में समय पर रेफर कराया जाएगा। मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों, जैसे अत्यधिक रक्तस्राव और उच्च रक्तचाप संबंधी विकारों का विशेष प्रबंधन किया जाएगा। गर्भावस्था से पहले महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और जोखिम कारणों को कम करने के लिए काम होगा। प्रसव के बाद की गुणवत्तापूर्ण देखभाल का विस्तार करना तथा प्रसव के बाद कम से कम एक वर्ष तक स्वास्थ्य सेवाओं और प्राथमिक देखभाल तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
महिलाओं और बालिकाओं को किया गया जागरूक
वहीं दूसरी ओर देवरिया में मिशन शक्ति फेज-5.0 एवं शक्ति दीदी अभियान चलाया गया। इसमें मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं एवं बलिकाओं को महिला सशक्तिकरण के संबंध में जागरूक किया। साथ ही पंपलेट वितरित किए गए। सलेमपुर कोतवाली की टीम ने सोहनाग मोड़, हनुमान मंदिर पर, बघौचघाट थाने की टीम ने कस्बा के यूपी ग्रामीण बैंक तथा भाटपाररानी थाने की टीम ने बेलपार ढाला पर छात्र-छात्राओं को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं व हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर जागरुक किया गया। इसके अलावा अन्य थानों की टीमों ने सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थलों आदि स्थानों पर महिलाओं व बालिकाओं को पंपलेट वितरित किया गया।


