लखनऊ: विधायक पूजा पाल ने गुरुवार को विधानसभा में जोरदार भाषण देते हुए अखिलेश यादव और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को जंगलराज के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब प्रदेश रामराज की नाम से जाना जा रहा है। पहले बेटियों पर अत्याचार होता था, पुलिस के पास मामला जाता तो कार्रवाई नहीं होती थी।
विधायक ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान प्रदेश में अपराध की घटनाएं आम थीं और खासतौर पर महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों में पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ होने वाले अपराधों को आज भी लोग नहीं भूल पाए हैं और उस समय पुलिस-प्रशासन में सुनवाई नहीं होती थी।
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में अपराधों में पार्टी से जुड़े लोगों की संलिप्तता रहती थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में अदालत से न्याय मिलने के बाद भी राजनीतिक स्तर पर आपत्तियां जताई जाती थीं। विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे गंभीर मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
जो काले कर्मों से राजमहल सजाते हैं: योगी
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विधानसभा में विपक्ष, खासतौर पर समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर तीखा हमला किया। मुख्यमंत्री ने कटाक्ष किया, ‘जो लोग काले कर्मों से राजमहल सजाते हैं, वही इतिहास में कलंक बन जाते हैं। ‘ 17 अप्रैल को लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का महत्वपूर्ण प्रस्ताव गिराकर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, डीएमके और टीएमसी ने यही कलंक बनने का काम किया।
सपा-कांग्रेस ने हर कल्याणकारी फैसला का विरोध किया। रंग बदलने में सपा इतनी माहिर है कि इनसे गिरगिट भी शर्म करेगा। कांग्रेस ने यदि शाहबानों के मामले में मुस्लिम महिला के साथ अन्याय न किया होता तो उसकी ये हालत न होती। उन्होंने कहा कि सपा का भी यह हश्र होने वाला है इसमें देर नहीं लगेगी।
मुख्यमंत्री विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विस्तृत चर्चा का प्रस्ताव रखने से पहले सदन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का संशोधन-2029 में ही लागू होना था, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन ने लोकसभा में विरोध किया। जब महिलाएं हर क्षेत्र में प्रतिभा व परिश्रम से लोहा मनवा रही हैं और बेहतरीन नेतृत्व दे रही हैं, तो आप लोग क्यों बाधक बन रहे हैं? सपा ने जनधन खाते खोले जाने का भी विरोध किया था।


