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बिजली बिल जमा नहीं करने पर कट गया नगर पंचायत का कनेक्शन, जनरेटर के सहारे चल रहा काम

रुद्रपुर: उधम सिंह नगर के जसपुर क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां बिजली का करीब 60 लाख रुपये का बिल जमा न होने पर विद्युत विभाग ने नगर पंचायत कार्यालय का कनेक्शन काट दिया. पिछले दो महीनों से कार्यालय का काम जनरेटर के सहारे चल रहा है, जबकि बिल को लेकर अब भी विवाद बना हुआ है.

जनपद उधम सिंह नगर के जसपुर क्षेत्र में स्थित नगर पंचायत महुआडाबरा इन दिनों एक अनोखी समस्या से जूझ रही है. यहां बिजली विभाग द्वारा करीब 60 लाख रुपए का बिल भेजा गया, जिसे जमा न करने के कारण विभाग ने करीब दो महीने पहले नगर पंचायत कार्यालय का बिजली कनेक्शन काट दिया. इस कार्रवाई के बाद अब नगर पंचायत का पूरा कामकाज जनरेटर के सहारे चल रहा है.

इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बन गया है. लोग इस बात से हैरान हैं कि एक सरकारी संस्था ही अपने बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाई, जिसके चलते इतनी बड़ी कार्रवाई करनी पड़ी. कार्यालय में बिजली न होने से दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कर्मचारियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी आदित्य जोशी ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि,

बिजली विभाग द्वारा हर महीने जो बिल भेजा जा रहा है, वह असामान्य रूप से अधिक है. हाल ही में जो बिल प्राप्त हुआ है, वह लगभग 60 लाख रुपए का है, जो वास्तविक खपत के हिसाब से संदिग्ध प्रतीत होता है.
-आदित्य जोशी, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत-

उन्होंने आगे बताया कि नगर पंचायत कार्यालय में फिलहाल कोई बिजली मीटर स्थापित नहीं है और न ही क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइट्स पर मीटर लगे हुए हैं. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि इतनी बड़ी राशि का बिल किस आधार पर तैयार किया गया है. इस संबंध में पहले भी बिजली विभाग को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई थी.

अधिशासी अधिकारी के अनुसार, पूर्व में प्राप्त बिलों की जांच के दौरान मीटर नंबरों में भिन्नता पाई गई थी. इसके अलावा उपभोक्ता आईडी और यूनिट की गणना में भी विसंगतियां सामने आई हैं. इन त्रुटियों को सुधारने के लिए विभाग से कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है.

उन्होंने यह भी कहा कि एक बार फिर से बिजली विभाग को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने और बिल की सही गणना सुनिश्चित करने की मांग की गई है. जैसे ही स्थिति स्पष्ट होगी, नगर पंचायत द्वारा बिल भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

फिलहाल नगर पंचायत का कार्य जनरेटर के भरोसे चल रहा है. जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है. अब देखना यह होगा कि बिजली विभाग और नगर पंचायत के बीच यह विवाद कब सुलझता है और कार्यालय में दोबारा बिजली आपूर्ति कब बहाल होती है.

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