
वित्तीय वर्ष 2027-28 में 500 नर्सेज एवं वार्ड बॉय को विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य
अस्पतालों के लिए दक्ष और विशेषज्ञ मेडिकल मानव संसाधन की उपलब्धता पर जोर
देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में निजी विश्वविद्यालयों में नर्सिंग पाठ्यक्रमों के संचालन के संबंध में गठित एम्पावर्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निजी विश्वविद्यालयों में नर्सिंग पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए निर्धारित मानकों, मेडिकल मानव संसाधन की उपलब्धता, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ के कौशल विकास तथा विदेशों में रोजगार के अवसरों से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि निजी विश्वविद्यालयों में नर्सिंग पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए निर्धारित सभी मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक शैक्षणिक, आधारभूत एवं अन्य निर्धारित मानकों का प्रभावी ढंग से पालन कराया जाना आवश्यक है।
नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ का तैयार किया जाए डाटा बैंक
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल मानव संसाधनों की आवश्यकता और उपलब्धता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ का व्यवस्थित डाटा बैंक तैयार किया जाए। इसके लिए बड़े मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या, उनकी शैक्षणिक योग्यता, विशेषज्ञता एवं कौशल से संबंधित जानकारी संकलित की जाए, ताकि आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मेडिकल मानव संसाधनों की मांग का आकलन किया जाए और उसी के अनुरूप उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
वित्तीय वर्ष 2027-28 में 500 नर्सेज एवं वार्ड बॉय को विदेशों में रोजगार दिलाने का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने नर्सिंग एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2027-28 में 500 नर्सेज एवं वार्ड बॉय को विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया, पश्चिमी यूरोप, एस्टोनिया एवं खाड़ी देशों में उपलब्ध रोजगार की संभावनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तलाशा जाए। इसके लिए संबंधित देशों में मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टाफ की मांग, निर्धारित योग्यता, भाषा दक्षता, आवश्यक प्रशिक्षण तथा अन्य पात्रता संबंधी शर्तों का अध्ययन किया जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि विदेशों में रोजगार के इच्छुक युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास की व्यवस्थाओं पर भी कार्य किया जाए, ताकि उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।
अस्पतालों को उपलब्ध कराया जाए दक्ष मेडिकल मानव संसाधन
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी अस्पतालों को अधिक दक्ष, प्रशिक्षित एवं विशेषज्ञ मेडिकल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों की आवश्यकताओं का आकलन करते हुए नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, विशेषज्ञता और कौशल में सुधार के लिए ठोस लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक होमवर्क करने तथा ऐसी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों को उनकी जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित एवं कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अवगत कराया कि निजी विश्वविद्यालयों में नर्सिंग पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए प्रारंभिक चरण में कुल 73 आवेदन प्राप्त हुए थे। इन आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद एम्पावर्ड समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करने के लिए छह आवेदन योग्य पाए गए।
समिति ने प्रस्तुत छह आवेदनों में से पांच आवेदनों को नर्सिंग पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए योग्य पाया। वहीं, एक आवेदन को आगामी समिति की बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्य सचिव द्वारा दिए गए।
निजी अस्पतालों में प्रति बैड के निर्धारित मानकों के अनुरूप स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित हो
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निजी अस्पतालों में नर्सिंग एवं वार्ड बॉय की तैनाती प्रति बैड के निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता से संबंधित मानकों का सख्ती से अनुपालन कराया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित हो सके।
बैठक में सचिव विनय शंकर, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, रोहित मीणा, नवनीत पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




