देहरादून: महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुनीता टम्टा की अध्यक्षता में बुधवार को प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों तथा प्रमुख/मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपदों में संचालित विभिन्न कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए कार्यप्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्य निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
महानिदेशक ने सीएम पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की विभागवार एवं जनपदवार स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने तथा शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों का पूरी गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।
डॉ. टम्टा ने चिकित्सालयों में प्रसव के बाद अधिकतम तीन दिन के भीतर नवजात का जन्म प्रमाणपत्र माता-पिता या परिजनों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और संबंधित अधिकारी इसकी नियमित निगरानी करें।
बैठक में चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े बिलों का शत-प्रतिशत ऑनलाइन निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। महानिदेशक ने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से समयबद्ध निस्तारण होने से लाभार्थियों को समय पर भुगतान का लाभ मिलेगा और विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
इसके साथ ही सभी संबंधित चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य इकाइयों में HIMS का शत-प्रतिशत और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। महानिदेशक ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए इवनिंग ओपीडी संचालित करने के संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने को भी कहा। बैठक में अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ आमजन की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।



