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जींद में कुदरत का कहर: तेज आंधी-बारिश से अंधेरा, 200 से ज्यादा बिजली पोल और सैकड़ों पेड़ गिरे, शहर जलमग्न

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जींद: शनिवार देर रात करीब 11 बजे जींद में अचानक तेज आंधी शुरू हो गई. इसके कुछ ही मिनटों बाद बारिश शुरू हो गई, जो अपने साथ तबाही लेकर आई. करीब 20 मिनट तक चली आंधी ने शहर का हाल बिगाड़ दिया. 200 से ज्यादा बिजली के खंभे और दर्जनों पेड़ गिर गए. इससे पूरे जिले में ब्लैक आउट हो गया. कई घरों की छतें और शेड उड़ गए. खेतों में लगे ट्यूबवेलों की सोलर प्लेटें टूट गईं. बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे जन-जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ.

शहर हुआ जलमग्न, बिजली सप्लाई ठप

जींद शहर के अर्जुन स्टेडियम, शिव कॉलोनी, भगत सिंह कॉलोनी, पटियाला चौक और भिवानी रोड जैसे क्षेत्रों में पानी भर गया. नरवाना बस स्टैंड, रेलवे अंडरपास और जींद-नरवाना नेशनल हाईवे की सर्विस लेन पर जलभराव से यातायात ठप हो गया. गोहाना रोड पर पुलिस लाइन के आगे भी सड़क पर पानी भर गया. बारिश इतनी तेज थी कि कई घरों में पानी घुस गया, जिसे निकालने में लोगों को पूरी रात लग गई. बिजली निगम के अनुसार जिले भर में खंभे और ट्रांसफॉर्मर टूटे हैं, उनकी गिनती जारी है.

ग्रामीण इलाकों में भी भारी नुकसान

उचाना के सेढ़ा माजरा में बिजली घर की लाइन के पोल और ट्रांसफार्मर गिर गए. गोशालाओं और स्कूलों की छतें उड़ीं. कई जगह सोलर प्लेटें और टीन के शेड टूट गए. गांव बुआना में सुरेन्द्र, शुभम, महेन्द्र, भोलू और रजनेश के खेतों में लगी सोलर प्लेटें टूट गईं. जींद के खरक रामजी गांव के निराकार मंदिर की छत का टीन उड़ गया और जुलाना की गौशाला को भी नुकसान पहुंचा. सोनी के मकान में दरार आ गई. पूरे जिले में प्रतिष्ठानों और आमजन को भारी नुकसान हुआ है. बिजली आपूर्ति रविवार सुबह 9 बजे तक भी बहाल नहीं हो सकी थी.

 

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