Tuesday, February 10, 2026
spot_imgspot_img
Homeहरियाणाबैंक कर्मचारी निकला साइबर ठग, 7 हजार में बना देता था फर्जी...

बैंक कर्मचारी निकला साइबर ठग, 7 हजार में बना देता था फर्जी बैंक अकाउंट, राजस्थान से है खास कनेक्शन

गुरुग्राम: जिला पुलिस ने एक बैंक कर्मचारी सहित दो को साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है. जानकारी के मुताबिक ठग स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे. दोनों को पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है. ये दोनों आरोपी साइबर ठगों को महज 7 हजार में फर्जी बैंक खाता उपलब्ध कराते थे. पुलिस की मानें तो अब तक गुरुग्राम पुलिस ने अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में कुल 21 बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है.

24 लाख से अधिक का लगाया चूना: दरअसल 23 जुलाई को एक शख्स ने गुरुग्राम थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के अनुसार शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगों ने 24 लाख 60 हजार रुपए की ठगी की. पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की. थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में सबन्धित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच तेज की गई. जांच के दौरान गुरुग्राम पुलिस ने 2 आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया. आरोपियों की पहचान कनिष्क विजय वर्गीय (राजस्थान निवासी) और राम अवतार (राजस्थान निवासी) के तौर पर हुई.

पुलिस पूछताछ में हुआ खुलासा: पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया. पूछताछ के दौरान आरोपी राम अवतार ने बताया कि वो जयपुर के मानसरोवर स्थित बैंक की एक शाखा में डिप्टी मैनेजर के पद पर पदस्थ था. साल 2016 से बैंक में नौकरी कर रहा है. आरोपी कनिष्क और राम अवतार ने मिली भगत करके फर्जी दस्तावेज के जरिए कई खाता खुलवाया है. फर्जी खाते के जरिए ठगी की वारदात को अंजाम दिया जाता था.

7 हजार रुपये में कराता था बैंक खाता उपलब्ध: जानकारी के मुताबिक आरोपी फर्जी बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए 7-7 हजार रुपए लेता था. 7 हजार में दोनों आरोपी लोगों को फर्जी बैंक खाते खोलकर देते थे. इन खातों के जरिए साइबर ठग ठगी की वारदात को अंजाम देते थे.

 

RELATED ARTICLES

-Video Advertisement-

Most Popular