Saturday, February 7, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडटिहरी को सतपाल महाराज ने दी अरबों की सौगात, कई योजनाओं का...

टिहरी को सतपाल महाराज ने दी अरबों की सौगात, कई योजनाओं का किया शिलान्यास

धनौल्टी: टिहरी जनपद के विकासखंड जौनपुर के सियाकेम्पटी न्याय पंचायत के रामलीला मैदान में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ कार्यक्रम के तहत बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन में प्रतिभाग किया. इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने जनपद टिहरी को 1 अरब, 16 करोड़, 95 लाख, 98 हजार लागत धनराशि की विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी. कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा सरकार की प्राथमिकता सरकारी योजनाओं की सीधा पहुंचाना है. आज उत्तराखंड मुख्यमंत्री के विजन पर आगे बढ़ रहा है.

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने जिन योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया उसमें लोक निर्माण विभाग की 92 करोड़ 06 लाख 37 हजार रुपये की 09 योजनाएं, सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग की 15 करोड़ 27 लाख 72 हजार रुपये की 07 योजनाएं, पर्यटन विभाग की 08 करोड़ 34 लाख 89 हजार रुपये की एक योजना तथा पंचायती राज विभाग के अन्तर्गत विभिन्न क्षेत्रों में पंचायत भवनों के निर्माण हेतु 01 करोड़ रुपये की धनराशि के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्य शामिल हैं.

सतपाल महाराज ने कहा 17 दिसम्बर से शुरू हुआ प्रदेशव्यापी अभियान ,जन -जन की सरकार,जन-जन के द्वार, 45 दिन तक चलने कार्यक्रम’ का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंच रहा है.

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया जलागम विभाग के अन्तर्गत 1 हजार 148 करोड़ रुपये की विश्व बैंक पोषित जलवायु अनुकूल बागवानी कृषि परियोजना का शुभारम्भ किया गया है. इसके तहत जनपद टिहरी की 87 ग्राम पंचायतों का चयन कर उन्हें पूर्ण वित्तीय स्वायत्तता प्रदान की गई है. योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु 36 करोड़ 25 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने कहा प्रदेश सरकार सड़क कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दे रही है. अब तक 14,027 नए गांवों को सड़क मार्ग से जोड़कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया है.

उन्होंने कहा शीतकालीन यात्रा के साथ-साथ साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं. आदि कैलाश यात्रा को सरल, सुगम एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. भारत की धरती लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर के दर्शन सुनिश्चित करने हेतु भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है. आने वाले समय में नागटिब्बा को भी पर्यटन के लिहाज से विकसित पर पर्यटन क्षेत्र घोषित किया जाएगा.

RELATED ARTICLES

-Video Advertisement-

Most Popular