डेमोग्राफी कांग्रेस के लिए राजनैतिक मुद्दा, भाजपा के लिए सैद्धांतिक और सामाजिक कर्तव्य
देहरादून: भाजपा ने धर्म की राजनीति के कांग्रेसी आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि वह तुष्टिकरण के खातिर गलत करे और कोई उसकी चर्चा भी न करे ऐसा संभव नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट किया डेमोग्राफी, राष्ट्रीय सुरक्षा कांग्रेस के लिए राजनीति का मुद्दा हो सकता है, लेकिन यह हमारे लिए सैद्धांतिक, वैचारिक और सामाजिक कर्तव्य का विषय है।
विभिन्न माध्यमों द्वारा पूछे गए मीडिया सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, जब जब प्रदेश में डेमोग्राफी बदलने की साजिश और धर्मांतरण के षडयंत्र उजागर होते हैं, सर्वाधिक तकलीफ कांग्रेस को ही होती है। अधिकांश मामलों में उंगलियां कांग्रेस सरकारों और नेताओं की तरफ ही उठती हैं। प्रत्येक प्रकरण में इनके नेता सनातन धर्म के विरोध और समुदाय विशेष के अपने वोट बैंक के पक्ष में खड़े हो जाते हैं। प्रदेश की देवभूमि छवि और शांत माहौल को बिगाड़ने वालों की साजिश में शामिल हो जाते हैं। लिहाजा कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को भाजपा पर आरोप लगाने के बजाय अपने गिरेबाँ में झांकना चाहिए।
उन्होंने सिलसिलेवार ढंग से कांग्रेसी आरोपों का ज़बाब देते हुए कहा कि जो आज मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ताबीज़ की बात करते हैं, उसका पहला हकदार तो सहसपुर का उनका वह मुस्लिम नेता है जिसने बैठक के अंदर की बात का बाहर आकर मीडिया में खुलासा किया। अब जब अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान के नाम पर दी गई जमीन की पोल खुली, तो मुस्लिम यूनिवर्सिटी योजना की कड़ियां जुड़ने लगी हैं। कांग्रेस आज वहां स्थानीय लोगों के जमीन खरीदने की बात कर, गंभीर विषय को पीछे करना चाहती है। लेकिन एक भी शब्द निन्दा के, उन समुदाय विशेष के बाहरी भूमाफियाओं के लिए नहीं कह रही है। बेहतर होता थोड़ी चिंता वह हमारे भोलेभाले सैकड़ों लोगों की भी करते जिनके साथ कांग्रेसी वोट बैंकधारियों ने वहां लैंड फ्रॉड किया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रकरण की जांच हो रही है और सभी प्रभावितों को पूरा न्याय सुनिश्चित करवाया जाएगा।
भट्ट ने कहा कि सरकार ने वनभूलपूरा में अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की, प्रदेश को अवैध धार्मिक कब्जों से मुक्त कराया। भाजपा डेमोग्राफी बदलने की ऐसी साजिश के खिलाफ कार्रवाई में हमेशा सरकार के साथ रही है। क्योंकि देवभूमि की जनता का जनादेश इसके पक्ष में स्पष्ट हमें मिला हुआ है।
उन्होंने पलटवार किया कि राजनीति तो कांग्रेस पार्टी कर रही है जो ऐसे षड्यंत्रकारी और अराजक तत्वों के साथ हमेशा खड़ी रहती है और लगातार धर्म विशेष के उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाती रहती है। सीएम धामी यूसीसी, धर्मांतरण कानून और दंगारोधी कानून लाकर देश में नजीर बनते हैं तो भी इस राज्य को सुरक्षित बनाने की मुहिम का कांग्रेसी विरोध करना, राजनीति नहीं तो क्या है? गौकशी करने और बहिन बेटियां के साथ अन्याय करने वाले अपने धर्म विशेष के वोटरों के पक्ष में खड़े होना क्या राजनीति नहीं है?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति के लिए सनातन का अपमान करे, प्रदेश की छवि खराब करने का प्रयास करे, राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को संरक्षण दे और उस पर समाज और भाजपा से उम्मीद रखे कि वे कुछ नहीं बोलेंगे या विरोध नहीं करेंगे, ऐसा असम्भव है। कांग्रेस के लिए यह सब मुद्दे राजनैतिक हो सकते हैं लेकिन हमारे संगठन के मूल मंत्र में ही सांस्कृतिक राष्ट्रवाद है। लिहाजा देवभूमि का देववत्व और सुरक्षा हमारा सर्वोच्च कर्तव्य है। अब कांग्रेस को ये सब राजनीति लगता है तो जनता उसका जवाब देती आई है और आगे भी देगी।


