लखनऊ: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने योगी सरकार का 10वां बजट सदन में प्रस्तुत कर दिया है. बजट में पिछली बार के मुकाबले लगभग 80000 करोड़ के अतिरिक्त प्रावधान किए गए. लगभग 9.13 लाख करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया गया. वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिये प्रस्तुत बजट का आकार 9,12,696.35 करोड़ (09 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रुपये) है. जो वित्तीय वर्ष 2025-2026 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है.
इधर, बजट के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मीडिया से मुखातिब हुए. सीएम योगी ने बजट को सराहा और इसे महिलाओं, किसानों तथा युवाओं की आकांक्षा के अनुरूप बताया. प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पॉलिसी पैरालिसिस को छोड़कर उत्तर प्रदेश अब पोटेंशियल स्टेट के तौर पर स्थापित हो रहा है. इसी का प्रयास इस बजट में किया गया है. बजट में करीब 44 करोड़ रुपये की धनराशि नई योजनाओं के लिए है. दो लाख करोड़ रुपए परिसंपत्ति के निर्माण में किया गया है.
कहा-बजट भाषण में आपने गौर किया होगा कि हमारी सरकार का यह 10 वां बजट है. किसी मुख्यमंत्री ने पहली बार 10 बार बजट पेश किया है. हमने कोई टैक्स नहीं लगाया है. अब हम रेवेन्यू सरप्लस स्टेट हैं. 2017 में जहां ऋण ग्रस्तता थी, वहां अब सुधार है. यह हमारा कुशल वित्तीय अनुशासन है. यूपी देश की टॉप तीन इकॉनमी में से एक है. कहा कि नौ वर्ष में तीन गुना से अधिक उत्तर प्रदेश का बजट बढ़ा है. बजट की थीम “सुरक्षित नारी, सक्षम युवा और खुशाल किसान”है.
बता दें कि वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सुबह करीब 11:00 बजे सदन पहुंचे और यहां उन्होंने बजट प्रावधानों को पढ़ाना शुरू किया. इस बजट के पेश होने से पहले से विपक्ष सरकार पर हमलावर रहा. सपा नेता शिवपाल ने भी बजट प्रस्तुत होने से पहले सरकार को घेरा.


