प्रयागराज : कोडीन युक्त कफ सिरप को नशे के लिए तस्करी करने के मुख्य आरोपी भोला जायसवाल को सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिल सकी है. कोर्ट ने उसकी जब्त की गई संपत्तियों को मुक्त करने का आदेश नहीं दिया, बल्कि राज्य सरकार को इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
भोला जायसवाल की ओर से प्रॉपर्टी रिलीज करने की मांग में दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति अजय भनोट एवं न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई की. याचिका का विरोध करते हुए अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी व एजीए प्रथम परितोष कुमार मालवीय ने कहा कि याची का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है. झारखंड, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में कोडीन युक्त सिरप की सप्लाई नशे के लिए की जाती है.
इस कारोबार से उसने करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति बनाई है. इसमें एक मर्सिडीज कार और लगभग 40 करोड़ की अचल संपति वाराणसी में पाई गई है. बैंकों में भी करोड़ों रुपये जमा हैं. इस आमदनी का कोई वैध जरिया नहीं मिला है. पुलिस की जांच से पता चला है कि यह सारी कमाई कफ सिरप के अवैध कारोबार से की गई है.


