पटना: बिहार में वर्ष 2016 में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद से ही शराब पर पूर्ण प्रतिबंध है। हालांकि, राज्य में शराबबंदी के बावजूद शराब की बड़ी खेप पकड़े जाने या फिर शराबियों के पकड़े जाने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। अब नीतीश सरकार के एक मंत्री ने बिहार विधान परिषद में शराबबंदी को लेकर जो आकंड़े सामने रखे हैं वो काफी चौंकाने वाले हैं। मंत्री ने जानकारी दी है कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक लाखों लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
विधान परिषद में मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि शराबबंदी लागू होने के बाद से 31.12.2025 तक इससे सबंधित 10 लाख केस दर्ज किए गए हैं। 4.5 करोड़ लीटर की शराब जब्त की गई है और 16 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया है। राज्य में अब तक 1.60 लाख वाहनों को भी जब्त किया गया है। विधान परिषद के सदस्य रवींद्र प्रसाद सिंह सदन के अंदर बच्चों में बढ़ रहे सूखा नशा का मुद्दा उठाया। इसपर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि यह सच है कि बच्चों में सूखा नशा का चलन बढ़ा है। इसे रोकने के लिए सघन अभियान भी चल रहा है। कई अन्य सदस्यों ने नशे और नशे के बढ़ते चलन पर चिंता जाहिर की।
इसपर अशोक चौधरी ने विधान परिषद में बताया कि उत्तर प्रदेश की सीमा पर 23, पश्चिम बंगाल की सीमा पर 8, झारखंड की सीमा पर 19 और नेपाल की सीमा पर 17 चेक पोस्ट कार्यरत हैं। सभी चेक पोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे और ब्रेथ एनालाइजर उपलब्ध है। इसके अलावा नेपाल सीमा पर एसएसबी के सहयोग से छापेमारी अभियान भी चलाया जा रहा है।
विधान परिषद सदस्य वीरेंद्र नारायण यादव ने विधान परिषद में सवाल उठाया था कि उत्तर प्रदेश सीमा पर दर्जनों शराब की दुकानें खुल गई हैं। जहां से नशीले पदार्थ बिहार में आ रहे हैं। जिसके बाद अशोक चौधरी ने विभिन्न राज्यों की सीमाओं पर खुले पुलिस चौकी की जानकारी दी है।
विधान परिषद में एमएलसी सैयद फैसल अली ने बिहार में पर्याप्त संख्या में नशामुक्ति केंद्र होने पर जोर दिया तो वहीं भाकपा माले के विधान पार्षद शशि यादव ने नशामुक्ति केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता और समय-समय पर इसके निरीक्षण की बात कही।


