Saturday, January 17, 2026
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मुनि महाराज डोली विवाद, प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान और मुकदमे पर स्पष्ट की तस्वीर

रुद्रप्रयाग: अगस्त्यमुनि में मुनि महाराज डोली विवाद के बाद शुक्रवार को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया, जिसके बाद अगस्त्यमुनि क्षेत्र का माहौल गरमा गया. स्थानीय लोगों ने अचानक से की गई इस कार्रवाई का विरोध किया. आरोप लगाया कि मुनि महाराज की डोली को लेकर गोल गेट तोड़े जाने के बाद से जिला प्रशासन स्थानीय व्यापारियों को टारगेट कर परेशान कर रहा है. घटना के बाद शनिवार को प्रशासन के अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय व्यापारियों से बातचीत की.

अतिक्रमण चिन्हीकरण और नोटिस की कार्रवाई को लेकर उत्पन्न हुई असमंजस की स्थिति को दूर करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया. जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में यह बैठक अगस्त्यमुनि क्रीड़ा भवन में आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय व्यापारी, व्यापार संघ के पदाधिकारी और नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के प्रतिनिधि मौजूद रहे.

बैठक का मुख्य उद्देश्य एनएच (राष्ट्रीय राजमार्ग) विभाग द्वारा अगस्त्यमुनि बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण चिन्हीकरण, नोटिस और चालान की प्रक्रिया के बाद व्यापारियों में उत्पन्न हुए संशय को दूर करना था. मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण हटाने और चिन्हीकरण की कार्रवाई शासन के पूर्व निर्देशों के क्रम में लगातार की जा रही है, जिसका उद्देश्य चारधाम यात्रा, विशेषकर केदारनाथ धाम यात्रा के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करना है.

उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, सिल्ली, विजयनगर समेत संपूर्ण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर समान रूप से की जा रही है. अगस्त्यमुनि बाजार में एनएच टीम द्वारा की गई हालिया कार्रवाई को किसी अन्य घटना से जोड़कर देखने की आवश्यकता नहीं है. यह पूर्णतः एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसका पिछले दिनों में हुए किसी भी गतिरोध से कोई संबंध नहीं है.

इस मौके पर अधिशासी अभियंता, एनएच ओंकार पांडे ने भी व्यापारियों को बताया कि बाजार क्षेत्र में नाली निर्माण का कार्य प्रस्तावित है, जिस कारण जेसीबी मशीन बाजार में लाई गई थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से तत्काल अतिक्रमण तोड़ने की कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है और नियमानुसार ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.

बैठक के दौरान जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने खुद वीडियो कॉल के माध्यम से व्यापारियों से संवाद स्थापित किया और उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य किसी को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और जनमानस के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें. जिलाधिकारी द्वारा दी गई स्पष्ट जानकारी के बाद व्यापारियों ने संतोष व्यक्त किया.

अगस्त्यमुनि व्यापार संघ के अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह नेगी ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एनएच और नगर पंचायत द्वारा की जा रही सामान्य प्रक्रिया को लेकर व्यापारियों में जो असमंजस की स्थिति बनी थी, उसे इस बैठक के माध्यम से पूरी तरह दूर कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा समय रहते संवाद स्थापित कर स्थिति स्पष्ट करना सराहनीय है और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में नियमानुसार पर्याप्त समय दिया जाएगा.

नगर पंचायत अध्यक्ष अगस्त्यमुनि राजेंद्र प्रसाद गोस्वामी ने भी बैठक को सफल बताते हुए कहा कि जिलाधिकारी द्वारा स्वयं संवाद कर सभी को आश्वस्त किया गया और किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने की अपील की गई. उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय नागरिक मिलकर क्षेत्र के समग्र विकास और व्यवस्था सुधार के लिए कार्य कर रहे हैं.

गौर है कि रुद्रप्रयाग में महर्षि अगस्त्यमुनि महाराज की पारंपरिक देवरा यात्रा के दौरान अगस्त्यमुनि मैदान का गेट तोड़े जाने की घटना घटी थी. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन का धार्मिक आस्था और परंपराओं के प्रति पूर्ण सम्मान है, मगर कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने और अराजकता फैलाने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा.

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला प्रशासन किसी भी प्रकार से धार्मिक आस्था के विरुद्ध नहीं है, बल्कि मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं के साथ पूर्ण समन्वय में कार्य कर रहा है. कार्रवाई केवल उन तत्वों के विरुद्ध की गई है जिन्होंने हिंसा भड़काने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित करने का प्रयास किया था.

डोली पर दर्ज नहीं हुआ मुकदमा: उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला ने बताया कि मुनि महाराज जी की डोली पर किसी भी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है. कुछ अराजक तत्वों द्वारा डोली को परंपरागत मार्ग से न ले जाकर जबरन क्रीड़ा मैदान के मुख्य गेट से लाया गया और पूर्व नियोजित तरीके से गेट को क्षतिग्रस्त किया गया. यह भी स्पष्ट किया कि जिलाधिकारी एवं मंदिर समिति के पदाधिकारियों के मध्य निरंतर संवाद बना हुआ है और मंदिर समिति जिला प्रशासन के सहयोग से संतुष्ट है. जिला प्रशासन मंदिर समिति को पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है.

 

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