
चमोली: विकासखंड देवाल में नवजात का सिर मिलने के मामले में पुलिस 30 घंटे बाद भी आगे नहीं बढ़ पाई है. पुलिस नवजात के धड़ को ढूंढने में भी नाकामयाब है. उधर, पुलिस ये भी स्पष्ट नहीं कर पाई है कि आखिर सिर खेतों तक कैसे पहुंचा? हालांकि, घटना के कई घंटों बाद भी क्षेत्र में सनसनी फैल हुई है.
घटना के मुताबिक, शनिवार 29 नवंबर को विकासखंड देवाल के अंतर्गत हाट कल्याणी गांवों के छप्परों नाम स्थान पर गांव के ही महिपाल सिंह ने अपने गौशाला के पास खेत में एक नवजात का सिर पड़ा देखा. महिपाल ने तत्काल मामले की सूचना गांव के प्रहरी हीरा राम को दी. प्रहरी ने इसकी सूचना थराली थाना पुलिस को दी.
सूचना मिलते ही थराली थाना एसएसआई संजय सिंह नेगी के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और सिर को कब्जे में लेकर सूचना पुलिस उच्चाधिकारियों को देने के साथ ही नवजात के धड़ की तलाश शुरू की. लेकिन घटना के प्रकाश में आने के 30 घंटों के बाद भी नवजात का धड़ बरामद नहीं हो सका है. नवजात की उम्र 1 से 5 दिन की मानी जा रही है.
दूसरी तरफ मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को सीओ कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा ने पुलिस डॉग स्क्वायड के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया. करीब दो घंटे डॉग स्क्वायड इधर-उधर घूमते रहे, लेकिन नवजात के धड़ को खोजने में सफल नहीं हो सके. सीओ ने देवाल के ब्लॉक प्रमुख तेजपाल सिंह रावत, फल्दियागांव के ग्राम प्रधान प्रेम सिंह बिष्ट आदि के साथ जिस स्थान पर नवजात का सिर मिला था, वहां का निरीक्षण कर पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
मीडिया से बातचीत में सीओ कर्णप्रयाग ने कहा कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है. नवजात का डीएनए सुरक्षित कर लिया गया है. मामले का खुलासा करने के लिए डाक्टरों की भी सलाह ली जाएगी. जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने चौंकी इंचार्ज देवाल देवेंद्र भारती की छुट्टी को निरस्त कर देवाल पहुंचने के निर्देश दे दिए हैं. चौंकी इंचार्ज देवाल ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है.


