नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) ने भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शुक्रवार को स्वाधीनता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से आर्थिक विकास को गति देने, परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के साथ साथ साथ महत्वपूर्ण घोषणाएं की है।
सेमीकंडक्टर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) ने याद दिलाया कि कैसे 50-60 साल पहले सेमीकंडक्टर कारखाने लगाने के प्रयास ‘शुरू में ही ख़त्म’ हो गये थे, जबकि दूसरे देश फल-फूल रहे थे। उन्होंने घोषणा की कि भारत अब मिशन मोड पर है। इस साल के अंत तक देश अपनी पहली मेड इन इंडिया चिप लॉन्च कर देगा।
परमाणु ऊर्जा: वर्ष 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता दस गुना बढ़ जाएगी। अगले दो दशकों में परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को दस गुना से अधिक बढ़ाने के भारत के मिशन के तहत 10 नये परमाणु रिएक्टरों पर काम चल रहा है।
जीएसटी सुधार – एक दिवाली उपहार: श्री मोदी (PM Modi) ने कहा कि दिवाली पर अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों का अनावरण किया जाएगा। इससे आवश्यक वस्तुओं पर कर कम हो जाएंगे और एमएसएमई, स्थानीय विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
10 ट्रिलियन डॉलर के भारत के लिए सुधार कार्य बल: प्रधानमंत्री ने अगली पीढ़ी के सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए एक समर्पित सुधार कार्य बल के गठन की घोषणा की। इसका उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना, लालफीताशाही को कम करना, शासन का आधुनिकीकरण करना और 2047 तक भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ज़रूरतों के लिए तैयार करना है।
एक लाख करोड़ रुपए की पीएम विकसित भारत रोजगार योजना: प्रधानमंत्री ने एक लाख करोड़ रुपए की एक बड़ी रोज़गार योजना की शुरुआत की। इसके तहत नए रोज़गार वाले युवाओं को हर महीने पंद्रह हजार रुपये मिलेंगे। इस योजना का उद्देश्य तीन करोड़ युवाओं को लाभान्वित करना है ताकि स्वतंत्र भारत से समृद्ध भारत तक सेतु मज़बूत हो।
हाई पावर डेमोग्राफी मिशन: प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ के कारण जनसांख्यिकीय असंतुलन के खतरों पर चिंता जताई। उन्होंने इस चुनौती से निपटने के लिए एक हाई पावर डेमोग्राफी मिशन शुरू करने की घोषणा की ताकि भारत के नागरिकों की एकता, अखंडता और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ऊर्जा स्वतंत्रता – समुद्र मंथन शुरू: श्री मोदी ने कहा कि भारत के बजट का एक बड़ा हिस्सा अभी भी पेट्रोल, डीज़ल और गैस के आयात में जाता है। उन्होंने समुद्री संसाधनों के दोहन के लिए राष्ट्रीय गहरे जल अन्वेषण मिशन की शुरुआत की घोषणा की। इसके साथ ही सौर, हाइड्रोजन, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा में बड़े विस्तार की भी घोषणा की।
भारत में निर्मित जेट इंजन – एक राष्ट्रीय चुनौती : प्रधानमंत्री (PM Modi) ने कहा कि जिस तरह हमने कोविड के दौरान टीके बनाए और डिजिटल भुगतान के लिए यूपीआई बनाया, उसी तरह हमें अपने जेट इंजनों के लिए भी खुद के जेट इंजन बनाने चाहिए। उन्होंने वैज्ञानिकों और युवाओं से इसे चुनौती के रूप में लेने को कहा।