Sunday, August 31, 2025
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उत्तराखंड के लिए कारगर हो रहा GeM पोर्टल, ₹13 करोड़ से अधिक का किया बिजनेस

देहरादून: सरकार के साथ लेनदेन को लेकर केंद्र सरकार गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस को लेकर अब और सख्त कदम उठाने जा रही है. केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड सरकार को GeM पोर्टल के शत फ़ीसदी बेहतर इस्तेमाल को लेकर पत्र लिखा है. वहीं केंद्र के अधिकारियों ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और अधिकारियों से भी मुलाकात की है.

GeM प्लेटफ़ॉर्म पर ढाई करोड़ से अधिक ऑर्डर: देश के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य में GeM पोर्टल के आधिकारिक प्रयोग के संबंध में लिखा. जिसमें कहा कि GeM की शुरुआत से लेकर अब तक इस प्लेटफ़ॉर्म पर ढाई करोड़ से अधिक ऑर्डर के साथ 13.4 लाख करोड़ का व्यपार हुआ है, जो इसकी सक्सेस रेट को दिखता है. अब तक GeM पोर्टल पर 11 हजार से ज्यादा प्रोडक्ट कैटिगरी और 350 के करीब सर्विस कैटिगरी रजिस्टर्ड है। यही नहीं GeM के उपयोग को व्यापक रूप से बढ़ाने के लिए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों से MOU भी किया गया है जो कि जनरल फाइनेंशियल रूल (GFR), 2017 के नियम 149 के अधीन प्रोक्योरमेंट रिफॉर्म की दिशा में एक बड़ा कदम है. इसी के चलते आज सभी राज्यों ने मिलकर 72.4 लाख करोड़ से अधिक के प्रोडक्ट और सर्विस की डिमांड पूरी की है. जिसमें से 50% से ज्यादा हिस्सा MSME का है.

उत्तराखंड में सीमित GeM की हिस्सेदारी: केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में इस बात का दुख जाहिर किया है कि गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस पिछले 9 सालों से उपलब्ध है लेकिन उसके बावजूद भी राज्य सरकार के सभी विभागों सार्वजनिक उपक्रमों स्थानीय निकाय और साहित्य संस्थाओं में GeM की हिस्सेदारी सीमित बनी हुई है. इसकी सबसे बड़ी वजह उन्होंने राज्य सरकारों की खरीद नीति और जनरल फाइनेंसर रूल 2017 के बीच के तकनीकी पहलुओं और राज्य के कुछ फाइनेंशियल रूल को बताया है. उन्होंने उत्तराखंड सरकार से अपने वित्तीय प्रबंधन और खरीद नीति में जरूरी बदलाव करने की अपील की है. उन्होंने उत्तर प्रदेश का भी उदाहरण पेश किया, जहां पर 26 नवंबर 2024 को उत्तर प्रदेश सरकार ने एक शासनादेश लागू कर अपनी खरीद नियमों को GFR, 2017 और GeM की सामान्य शर्तों और नियमों (GTC) के साथ पूरी तरह से एलाइंड कर दिया है.

उत्तराखंड में GeM के 90 हजार विक्रेता रजिस्टर्ड: उत्तराखंड में गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेटफार्म की बात करें तो उत्तराखंड राज्य से 90,000 से अधिक विक्रेता GeM पर रजिस्टर्ड हैं. पिछले वित्त वर्ष 24-25 के दौरान, उत्तराखंड के विक्रेताओं ने 4 हजार करोड़ का व्यापार किया. जिसमें 35 फ़ीसदी हिस्सा MSME का था. GeM स्थानीय विक्रेताओं को पूरे भारत मैं सरकारी विभागों में बिजनेस करने का मौका देता है. सरकारी डेटा के अनुसार 4000 करोड़ में से केवल 400 करोड़ राज्य सरकार से व्यापारियों ने कमाए हैं या नहीं केवल एक परसेंट राज्य से कमाया है बाकी 99% उत्तराखंड के उद्यमियों ने दूसरे राज्यों से या फिर केंद्र से कमाया है. उसके बावजूद भी भले ही राज्य सरकार ने GeM के जरिए गुड्स ओर सर्विस खरीद को अनिवार्य कर दिया है, फिर भी पिछले वित्त वर्ष में GeM पोर्टल से राज्य का खरीद मूल्य केवल 735 करोड़ था. यह तब भी हो रहा है जबकि राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों ने GeM के बाहर महंगी वस्तुओं की खरीद की और स्पष्ट घाटा दिख रहा हैं.
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