Saturday, August 30, 2025
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडशीतकाल के लिए बंद हुए गंगोत्री धाम के कपाट

शीतकाल के लिए बंद हुए गंगोत्री धाम के कपाट

उत्तरकाशी: मंगलवार को गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इसके बाद मां गंगा की डोली मुखवा के लिए रवाना हो गई है। वहीं बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रियाएं भी मंगलवार से से शुरू हो गई है।

धार्मिक परंपरा के अनुसार, पूजा-अर्चना और भोग लगने के बाद धाम परिसर में स्थित भगवान गणेश मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर को अपराह्न 3 बजकर 33 मिनट पर बंद किए जाएंगे।
खरशालीगांव में स्थित मां यमुना मंदिर में भी मां यमुना के स्वागत की तैयारी चल रही है।

यमुनोत्री धाम से यमुना के पुजारी पुरोहित महासभा अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि कल 15 नवम्बर को भैया दूज के पावन पर्व पर 11 बजकर 57 मिनट पर निर्धारित समय पर मां यमुना के कपाट भी बंद कर दिए जाएंगे।और मां यमुना का उत्सव श्री विग्रह शीत कालीन प्रवास खुशी मठ, खरसाली के लिए अपने भाई शनि देव जी की अगुवाई में प्रस्थान करेगी।

इससे पूर्व बुधवार 15 नवम्बर सुबह 8 बजे खरशालीगांव से यमुना के भाई शनिदेव महाराज की डोली बहन को लेने यमुनोत्री धाम के लिए रवाना होगी और 10 बजे धाम पहुंचेगी। उसके पश्चात विधि-विधान के विशेष पूजा अर्चना अभिषेक आदि कर शीतकाल के लिए छह माह के लिए मां यमुना मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।

यह भी पढ़े: उत्तराखंड: राजकीय महाविद्यालय पोखरी में बनेगा उद्यमिता विकास केंद्र

RELATED ARTICLES

वीडियो एड

Most Popular